अब तेरे बिना जिंदगी गुजारना मुमकिन नही है, 
अब और किसी को इस दिल में बसाना आसान नही है, 
हम तो तेरे पास कब के चले आये होते सब कुछ छोड़ कर, लेकिन तूने कभी हमे दिल से पुकारा ही नही है।
चेहरे पर हँसी छा जाती है। 
आँखों में सुरूर आ जाता है। 
जब तुम मुझे अपना कहते हो। 
अपने आप पर ग़ुरूर आ जाता है।
वो आये थे मेरी कबर पर अपने हमसफर के साथ 
 कौन कहता है के मरने के बाद कोई याद नहीं करता 
हर तरफ रौनक है बस एक तेरी ही कमी 
 शरद मौसम हल्के बादल और उदासी भरी शाम
आपके बिन टूटकर बिखर जायेंगे, 
मिल जायेंगे आप तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे, 
अगर न मिले आप तो जीते जी मर जायेंगे, 
पा लिया जो आपको तो मर कर भी जी जायेंगे।
मेरी मोहब्बत पे ऐतबार तो किया होता ऐ जान 
किसी और के होने से पहले मेरा इंतज़ार तो किया होता
मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं, 
हैं मौसम की तरह लोग... बदल जाते हैं, 
हम अभी तक हैं गिरफ्तार-ए-मोहब्बत यारों, 
ठोकरें खा के सुना था कि संभल जाते हैं।
सायद मेरी वफ़ा में कोई कमी रही 
होगी वो शक्स मेरा हो कर भी मेरा हो ना सका
❤❤❤